Saturday, 12 December 2009

लब पे आती है दुआ - इकबाल

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी
जिंदगी शम्मा की सूरत हो खुदाया मेरी
दूर दुनिया का मेरे दम अँधेरा हो जाये
हर जगह मेरे चमकने से उजाला हो जाये
हो मेरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत
जिस तरह फुल से होती है चमन की ज़ीनत
जिंदगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब
इल्म की शम्मा से हो मुझको मोहब्बत या रब
हो मेरा काम ग़रीबों की हिमायत करना
दर्द-मंदों से जईफों से मोहब्बत करना
मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको
नेक जो राह हो उस राह पे चलाना मुझको

इक़बाल

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दुआ = પ્રાર્થના, इल्म  = જ્ઞાન, शम्मा  = જ્યોત, ज़ीनत = રોનક, ગૌરવ, जईफों = વૃદ્ધ વયસ્કો, जिंदगी शम्मा की सूरत = પ્રજ્વલિત જ્યોત શુ જીવન 


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