Tuesday, 17 February 2009

बिल्लोरी कुंतर ... Crystal glasses

हम मशरिक के मुसलमानों का दिल मगरिब में जा अटका है
वहां कुंतर सब बिल्लोरी है , यहाँ एक पुराना मटका है

इस दौर में सब मिट जायेंगे , हाँ बाकी वो रह जायेगा
जो कायम अपनी राह पे है, और पक्का अपनी हट का है

ऐ शैख़ -ओ -ब्राह्मण सुनते हो क्या अहल -ऐ -बसीरत कहते हैं
गर्दों ने कितनी बुलंदी से उन कौमों को दे पटका ही

अल्लामा इकबाल

अहल -ऐ -बसीरत = गवाह
गर्द = तूफ़ान
कुंतर = कांच
बिल्लोरी = क्रिस्टल

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